www.quotes.com
आज पूछती हूँ ये सवाल मैं सभी से,

ऐ आवाम जरा ये तो बता मेरे साथ हे ऐसा क्यों है

मार दिया जाता है मुझको बचपन में

पैदा होने से पहले,

अगर आ भी गई इस दुनिया मे,

तो गैरो जैसा बर्ताव क्यों है,

आज पूछती हूँ ये सवाल मैं सभी से,

क्यों सताई जाती हूँ मैं हर घड़ी इस तरह से

ऐ आवाम जरा ये तो बता मेरे साथ हे ऐसा क्यों है-2

थोड़ी उर्म क्या बड़ी मेरी,

लोगों की हैवानियत और हवस का शिकार हुई हूँ मैं,

भूल गया वो शख्स मैं भी किस की बेटी थी,

आज पूछती हूँ ये सवाल मैं सभी से,

ऐ आवाम जरा ये तो बता मेरे साथ हे ऐसा क्यों है-2

थोड़ा अपना नजरिया बदल कर देख ऐ आवाम

मैंने हर एक किरदार निभाया है

किसी की बेटी , तो किसी की बहन
किसी की बीवी, तो किसी की माँ बन फ़र्ज़ निभाया है

तो फिर ऐसी बदगुमानी क्यों है,

ऐ आवाम ज़रा ये तो बता मेरे साथ ही ऐसा क्यों है

इतना कमज़ोर भी मत समझ मुझको तू,

ज़रा बेड़िया तो खोल कर देख

बांध के क्यों रखा है मुझ एक डोर से

उड़ने दे फिज़ाओ में बाहें खोल के

फिर एक दिन मैं भी उदहारण बन जाऊँगी

छोटे छोटे पंखों से ही सही पूरा आसमान उड़ के दिखाऊंगी

Comments

Popular Posts